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कल समय की चाल पर भी राज करना,
कल निरुत्तर यह सारा संसार करना।
आज के दिन तुम लाजवाब हो जाओ,
आज तुम 'सूरज' की तरह जगमगाओ।।
कल निरुत्तर यह सारा संसार करना।
आज के दिन तुम लाजवाब हो जाओ,
आज तुम 'सूरज' की तरह जगमगाओ।।
कल विघ्नों के समक्ष भी तुम न झुकना,
कल मैं भी रोकूं तो बिल्कुल न रुकना।
आज के दिन तुम मेरे संग ठहर जाओ,
आज तुम 'सूरज' की तरह जगमगाओ।।
कल दुखों को सहज न स्वीकार लेना,
कल मेरे अस्तित्व को भी नकार देना।
आज के दिन मुझसे सारा प्यार पाओ,
आज तुम 'सूरज' की तरह जगमगाओ।।
कल तेज हवाओं के तुम पर कतरना,
कल आंधियों में भी सागर में उतरना।
आज के दिन तुम खुशी के दीप जलाओ,
आज तुम 'सूरज' की तरह जगमगाओ।।
कल आंधियों में भी सागर में उतरना।
आज के दिन तुम खुशी के दीप जलाओ,
आज तुम 'सूरज' की तरह जगमगाओ।।
दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं
🎇🎆✨
link for video
👇
https://youtu.be/ZvBwquMuPYU
..............* सूरज मुजफ्फरनगरी
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