योगीजी जो कहते हैं वो करके दिखलाते हैं
सेवा, सुरक्षा और सुशासन हम यूपी में पाते हैं
आठ साल पहले यूपी भी बीमारु प्रदेश था
'एक जनपद एक माफिया', यूपी में यही निवेश था
अपराधी पाले जाते थे सत्ता के संरक्षण में
जनता बेबस थी, मौन थी, पर मन में तो आवेश था
'एक जनपद एक उत्पाद' , योगीजी चलवाते हैं
सेवा, सुरक्षा और सुशासन हम यूपी में पाते हैं
बाज न आए निर्बलों की सम्पत्ति कब्जाने से
बाज़ न आए ईमानदार अधिकारियों को हड़काने से
कांड बड़े थे प्रशासन की खाल तलक खिंचवाने के
बोल बड़े थे तनखईंयों से जूते साफ करवाने के
अब खुद की जान बचाने में उनके जूते घिस जाते हैं
सेवा, सुरक्षा और सुशासन हम यूपी में पाते हैं।
जनता क्या प्रशासन की भी रिपोर्ट लिखी नहीं जाती थी
जब ऐसी खबरें सुनते थे तो शर्म हमें भी आती थी
प्रशासन के हाथ बंधे थे, सिस्टम भी लाचार था
तुष्टिकरण की सारी ही सीमाएं लांघी जाती थी
अब हाथ जोड़कर गुंडे खुद को गिरफ्तार करवाते हैं
सेवा, सुरक्षा और सुशासन हम यूपी में पाते हैं
गुंडागर्दी बदमाशी का तो योगीजी काल बने
आततायी जितने थे उनकी खातिर महाकाल बने
फौलादी बाज़ू उनके ज्यों होते हैं बुल्डोजर के
जमींदोज हैं जनता के जी का जो भी जंजाल बने
कहीं गाड़ी पलट न जाए गुंडे इस डर से थर्राते हैं
सेवा, सुरक्षा और सुशासन हम यूपी में पाते हैं
योगीजी के यही तरीके जनता को भा जाते हैं
जो जिस भाषा में समझता है उस भाषा में समझाते हैं
जिनके गढ़ थे बने हुए सबको मिट्टी में गाड़ दिया
छेड़-छाड़ करने वाले अब चलते हुए लंगड़ाते हैं
अवैध हथियार उठाने वाले, उठते नहीं, उठ जाते हैं
सेवा, सुरक्षा और सुशासन हम यूपी में पाते हैं...२
योगीजी जो कहते हैं वो करके दिखलाते हैं।
*सूरज कुमार
