बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

मोदी का मान...

सभी देशवासियों को "सूरज मुजफ्फरनगरी" का सप्रेम नमस्कार।
साथियों! इसमें कोई दोराय नहीं है कि पिछले कुछ सालों में भारतीय राजनीति का नैतिक स्तर बहुत गिरा है। बड़े-बड़े नेता भी छोटी-छोटी बातें करने लगे हैं और जिस तरह से अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं उससे भारत के भविष्य को लेकर एक आम भारतीय नागरिक का चिंतित होना लाजिमी है। दुःख की बात यह है कि अपशब्दों के सबसे ज्यादा तीर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को निशाना बनाकर छोड़े जाते हैं। कुछ नेता भारत के प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं करना चाहते तो कम-से-कम अपमान भी न करें। शब्दों की मर्यादा बनाए रख सकते हैं या कम-से-कम प्रधानमंत्री पद की गरिमा का तो ख्याल रख ही सकते हैं। मोदी जी 'मन की बात' करते हैैं लेकिन आज हम उनके 'मान' की बात करते हैं।


      "मोदी का मान"
मेरे देशवासियों लाज रखो
कुछ तो मोदी के मान की...२
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की,,

( वर्तमान हालात )
रण बीच अकैला मोदी है
दुश्मन खड़े हैं लाखों में,
इस पर भी तुम आ जाते हो
क्यूं गैरों की बातों में ?
रण में छोड़ चले अपनों को
भारत का दस्तूर नहीं ,
साथ निभाया जाता है
युद्ध भरे हालातों में ।।
कहां गए वो नारें जिनसे...२
सुभाषचंद्र की शान थी ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( अपशब्द )
जिनको भाले चुभ जाते हैं
जरा-जरा से कथनों से ,
वे भी कोसते हैं मोदी को
ज़हरीले ही वचनों से ।
किसका शीशमहल हड़पा है
मोदी ने बतलाओ तो ,
देश की खातिर भिड़ा है
मोदी आतंकी संगठनों से।।
कहां गए वो गीत जिनमें...२
भगत सिंह की जान थी ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( पत्थरबाजी )
जो तुम्हें सुरक्षा देते हैं
उन पर पत्थर बरसाते हो ,
फिर इसे वीरता कहते हो
भाई!कौन-सा आटा खाते हो ?
क्यूं आगजनी करते हो भाई ?
अपना ही तो देश है ,
वो काश्मीर को ले आया
तुम प्याज़ टमाटर गाते हो ।।
क्या तुमने नहीं पढी कहानी...२
गुल गुलशन गुलफाम की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( सर्जिकल स्ट्राइक )
क्या पैट्रोल और सोना-चांदी
इज्जत से भी प्यारे हैं ,
जो शरहद पर लड़ते हैं
वे भी तो भाई हमारे हैं ।
भूल गए उन दरबारों को
जो बस निंदा करते थे ,
भूल गए मोदी ने दुश्मन
घर में घुस के मारे हैं ।।
कीमत चुका नहीं सकता...२
कोई सेना के बलिदान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( भेदभाव )
क्या मोदी के जाने से
तुम कोहिनूर ले आओगे ?
अब तो आंखें खोलो भाई,
वर्ना फिर पछताओगे ।
जाति-धर्म और ऊंच-नीच की
नादानी को छोड़ दो ,
तुम बुद्धू तो हो नहीं
जो लौट के घर को आओगे।।
करते रहना फिर भरपाई...२
सदियों तक नुकसान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( राजतंत्र )
कैसे एक चाय वाले ने
शासन को कब्जाया है !
सांप लोट रहे छाती पर
सिर पर आकाश उठाया है।
मोदी को ये राजपाट तो
खुद जनता ने सौंपा है ,
ये भारत देश सभी का है
सबने ही इसे बनाया है ।।
ये पुश्तैनी जागीर नहीं है...२
नेहरू की संतान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( भ्रष्टाचार )
क्या भ्रष्टाचार की बीमारी से
इतने ज्यादा पीड़ित हैं ,
ज़मीर हमारे मर चुके और
सोच रहे हैं जीवित हैं ।
नश्ले हमारी भुगतेगी
एक हम ही नहीं पछताएंगे ,
देशप्रेम को भूल चुके
रोजी-रोटी तक सीमित हैं।।
कहां गई वो घास की रोटी...२
राणा के अभिमान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( विकास )
क्या तुमने कोई एलपीजी की
खड़ा कतार में देखा है ,
या फिर नोट पांच सौ वाला
नकली कह के फेंका है ।
मोदी की तो इच्छा है
सबकी थाली में रोटी हो ,
या टुकड़े चबा-चबा के
देने का भी उस पे ठेका है ?
मेहनत से कोई शान नहीं...२
घट जाती है इंसान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( राममंदिर )
वो भी दिन थे जब आतंकी
दिल्ली तक आ जाते थे ,
भूल गए क्या दुनिया वाले
खिल्ली बहुत उड़ाते थे ।
मंदिर वहीं बनायेंगे
कहते-कहते दम सूखा था ,
तिरपाल में देख राम को
आंसू ही टपकाते थे ।।
मोदी ने तिरपाल हटाई...२
हम सबके भगवान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( तीन तलाक़ )
एक तरफ व्यवस्था थी और
एक तरफ थी शाहबानो ,
मानवता की हत्या थी वो
तुम मानो या ना मानो ।
किसने एक बूढ़ी अम्मा से
न्याय तलक भी छीन लिया ,
देशवासियों पढ लो किस्सा
और हकीकत पहचानो।।
मोदी ने तो लाज रखी है...२
चली गई उस जान की,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( वंशवाद )
कुछ ऐसे भी घर हैं जिनमें
नेता पैदा होते हैं ,
क्या मोदी ने तुम पर अपने
भाई-भतीजे थोपें है ?
तुमने तो सत्ता में झेले
कईं अंगूठा छाप भी ,
कुछ ऐसे भी आए जिन्होंने
पीठ में खंजर घोंपे हैं ।।
ऐसे नेताओं को चिंता...२
बस अपनी दुकान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( एनआरसी )
'एनआरसी' आये न आये
मोदी का क्या जाता है ?
भावी पीढ़ी रहे सुरिक्षत
इतना ही तो चाहता है ।
एक सौ पैंतीस करोड़ भी
क्या तुमको ज्यादा नहीं लगते ,
फिर से धोखा खाओगे
ये इतिहास बतलाता है ।।
क्यूं घर में सजा रहे अलमारी..२
मौत के सामान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( एनपीआर )
बड़े-बड़े नेता और ज्ञानी
लोगों को भरमाते हैं,
हम कागज नहीं दिखाएंगे
सड़कों पर चिल्लाते हैं।
देशवासियों बच के रहना
उनकी नीयत ठीक नहीं,
जो अमेरिका के एयरपोर्ट पर
चड्डी तक दिखलाते हैं।।
बिन कागज पहचान नहीं है..२
दुनिया में इंसान की,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( सीएए )
मोदी ने तो उनकी पीड़ा
सुनी भी है,महसूस भी की,
शरणार्थी शिविरों में जाकर
तुम भी सुन लो दास्तां।
गद्दारों के झांसे में आकर
जो आपा खो बैठे,
'सीएए' का उन सब से
न मतलब है न वास्ता।।
आंखों पर बांधी है जो...२
खोलो पट्टी अज्ञान की,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( आतंकवाद )
शायद लगते होंगे वे सब
मोदी की फिराक में ,
भूखे भेड़िए नजर गड़ाए
बैठे हैं जो ताक में ।
मोदी तो बस राह में उनकी
खड़ी हुई दीवार है ,
मकसद तो है किसी तरह
मिल जाए भारत खाक में।।
कुछ बच्चों की फिक्र करो...२
कुछ अपने हिंदुस्तान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( राष्ट्रवाद )
भला-बुरा न सोच सके
क्या हम इतने अज्ञानी हैं ,
देश-धर्म को भूल चुके हैं
या इतने अभिमानी है ।
अपने अंतर्मन से सच
कहने की हिम्मत नहीं रखते ,
स्वार्थ में आंखें फेरी है या
खून हो चला पानी है ।।
कहां गई वो अंतिम गोली...२
आजाद के स्वाभिमान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( चौकीदार )
मोदी से क्या छीनोगे
वह तो एक चौकीदार है ,
चौकीदार को चोर
समझने वालों पर धिक्कार है।
चलो मान लेते हैं भाई
मोदी ने नहीं काम किया ,
क्यूं दुश्मन थरथर कांप रहे ?
क्यूं डरे हुए गद्दार है ?
क्यूं दुनिया में बज रही है...२
तूती मोदी के ही नाम की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों....स्वाभिमान की,,

( धारा370 )
एक बार कह कर तो देखो
मोदी हम तेरे साथ हैं ,
भारत मां को आंख दिखाएं
फिर किसकी औकात है।
भूल बड़ी थी 'तीन सौ सत्तर'
हो गई थी अनजाने में ,
जिसने भूल सुधारी उसमें
कुछ न कुछ तो बात है ।।
लाज रखो कुछ तिरंगे की...२
आन-बान-शान की ,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की ,,

मेरे देशवासियों लाज रखो
कुछ तो मोदी के मान की,
मोदी ने ही लाज रखी है
देश के स्वाभिमान की,,

'जय हिंद' 'वंदे मातरम्'...
*नोट_काव्य रचना को विडियो में देखने के लिए नीचे दिये गए लिंक को सलेक्ट कर यूूूूट्यूब पर सर्च करें।
https://youtu.be/goZL8PfCtv4

* सूरज मुजफ्फरनगरी

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