शुक्रवार, 3 जनवरी 2020

हम देखेंगे , तुम देखना...

तुम देखना, हम देखेंगे ,
हम देखेंगे , तुम देखना ,,...४

जब 'बर्बादी' चिल्लाने वाले 
वंदे मातरम् गाएंगे ,
और तुष्टिकरण करने वाले
नेता भी खैर मनाएंगे ,,
तुम देखना...
तुम देखना, हम देखेंगे ,
हम देखेंगे , तुम देखना ,,...२

जब भारत मां पर उठने वाले
हाथ उखाड़े जाएंगे ,
और ताज के लोभी जयचदों के
शीश उखाड़े जाएंगे ,,
तुम देखना...
तुम देखना, हम देखेंगे ,
हम देखेंगे , तुम देखना ,,...२

जब साजिश रचने वालों के
सीने फाड़े जाएंगे ,
और मातृभूमि को बेचने वाले
जमीं में गाड़े जाएंगे ,,
तुम देखना...
तुम देखना, हम देखेंगे ,
हम देखेंगे , तुम देखना ,,...२

जब दहशत फैलाने वाले
आग में झोंके जाएंगे ,
और दहशतगर्दों के आका भी
घरों में ठोके जाएंगे ,,

तुम देखना...
तुम देखना, हम देखेंगे ,
हम देखेंगे , तुम देखना ,,...२

जब आतंकियों के पाँव तले से
जमीं खिसकती जायेगी ,
और गद्दारों के अरमानों पर
बिजली सी गिर जायेगी ,,
तुम देखना...
तुम देखना, हम देखेंगे ,
हम देखेंगे , तुम देखना ,,...२

जब देश के टुकड़े बोलने वाले
मुंह पर चांटे खाएंगे ,

और 'तिरंगा' रौंदने वाले
पैर भी काटे जाएंगे ,,

तुम देखना...
तुम देखना, हम देखेंगे ,
हम देखेंगे , तुम देखना ,,...२

जब दुश्मनों के मंसूबों पर
पानी सा फिर जाएगा ,
और भारत की भूमि पर
रामराज फिर आएगा ,,
तुम देखना...
तुम देखना, हम देखेंगे ,
हम देखेंगे , तुम देखना ,,...४

* सूरज मुजफ्फरनगरी

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